उच्च अदालत दिपायलकाे फैसालासे थरूहट/ थारूवन राष्ट्रिय माेर्चा खेद प्रकट

उच्च अदालत दिपायलकाे फैसालासे थरूहट/ थारूवन राष्ट्रिय माेर्चा खेद प्रकट

धनगढी,३ पुस ।

उच्च अदालत दिपायलसे टीकापुर घटनाके लैके करोगओ फैसलासे थरुहट/थारुवान राष्ट्रिय मोर्चा खेद प्रकट करिहए ।
मोर्चा , शुक्करके रोज एक विज्ञप्ती निकारके अदालतको फैसला राजनीतिक पूर्वाग्रहीके आधारमे आओ हए कहिके खेद प्रकट करिहएँ । अदालतको जा फैसला तथ्यपरक ना हए कहिके जिकिर करीहएँ ।

विज्ञप्ति मार्फत कहोगओ हए, ‘उच्च अदालत दिपायलसे भओ निर्णयके हम खेद प्रकट करतहएँ । रेशम चौधरी, थरुहट नेता लक्ष्मण थारु और प्रतिवादीक हकमे तथ्यपरक निर्णय करनके बदला फिरके पहिलीहानी राजनीतिक पूर्वाग्रह धरके करोगओ फैसलाक घोर भत्सर्ना करतहए । जा फैसला द्वन्द्व निम्त्याइ हए ।’

उच्च अदालतके न्यायाधीश द्वाेय टेकनारायण कुँवर औ सीताराम मण्डलको संयुक्त इजलाससे बिस्पतके रोज जा घटनाके बारेम मुद्दाकी सुनुवाइ करनपेति कैद करनके फैसला सुनाइहए । जा फैसलासे कोइके हकमे जिल्ला अदालत कैलालीक २०७५ फागुन २२ गते भओ फैसलाके सदर करीहए । जासे कोइ प्रतिवादीक हकमे उल्टाभओ दिखानो हए ।

उच्च अदालत दिपायलके फैसला अनुसार प्रतिवादी रेशम चौधरी, हरिनारायण चौधरी, प्रदीप चौधरी, वीरबहादुर चौधरी, राजेश चौधरी, सीताराम चौधरी औ गंगाराम चौधरी ७ जनीक हकमे मुलुकी ऐन ज्यान सम्बन्धी महलको १ नं. को कसुरमे बहे महलकी १३, (३) जन्मकैद होन औ जक महलको १५ नं.मे लिखो ज्यान मारन उद्योगमे जनही ५ वर्ष कैद सजाय होनो ठिक ठहर्यान्से सुरुमे कैलाली जिल्ला अदालतसे भओ फैसला मिलो दिखानो तहि सदर करेहए ।’

प्रतिवादी लक्ष्मण थारुक हकमे भओ फैसलामे लिखोहए, ‘मुलुकी ऐन ज्यान सम्बन्धी महलक १ नं. ंमे कसुरमे औ जहे महलको १७ (३) बमोजिम सजाय होत आएरहो हए ठहयाई हएँ । पहिलेक सुरुक अदालतको फैसला मिलोहए कहिके ना निलिखन तक या कोइके हकमे कुछ उल्टी भई बे प्रतिवादीनके अभियोग माग दाबी बमोजिम ज्यान सम्बन्धी महलको १ नं. को कसुरमे बहे महलको १३(४) बमोजिम जन्म कैद होन ठहरत हए ।’

और उनके बहे महलक १५ नं.ं बमोजिम ज्यान मारन उद्योगमे ५ वर्ष कैद ठहरात हए । डाँका चोरी घेना वादी नेपाल सरकार पुर्नवेदनमे जिकिर करन ना मिलैगौ,जा फैसलामे कहोगओ हए । जासे अग्गु जिल्ला अदालत कैलालीसे थरुहट नेता लक्ष्मण थारुके ३ वर्ष जेल सजाय सुनाइ रहए । जा अवधि जेलमे काटडारनसे उनके रिहा करीरहएँ ।

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