व्याहक गीत

व्याहक गीत

आरुषि राना

धनगढी,१० माघ ।

राजा झनक घर व्याहु रचोहए , सिताके व्याहएँ श्रीराम ।
कयलाख साजौँ हाँतीरे घोडे, कयलाख साजौँ दललोग, कयलाख साजौँ दुल्हुदमादए ।
राजा झनक घर …………………………
एक लाख साजौँ हाँतीरे घोडा,दुई लाख साजौँ दललोग,तिन लाख साजौँ दुल्हुदमादए ।
राज झनक घर ………………………..
जब ही बराइत सजने जो लागी , बहिनी फिराएँ छनानमयँ । २
राजा झनक घर ………………………
जब ही बराइत उठने जो लागी , बहिनी कराएँ री निउछार । २
राजा झनक घर ………………………
जब ही बराइत अँगनामे ठाडी , बहिनी करस लए ठाँढी । २
राजा झनक घर ………………………
जब ही बराइत सइरेमे पहँुची लोगदलमल होमयँ । २
राजा झनक घर ………………………
जब ही बराइत धुरे मे पहँुची , गरदा उडएँ असमान । २
राजा झनक घर ………………………
जब ही बराइत बनमे रे पहुची , बनकी बन्नासस्पति रे हाहराती ।२
राजा झनक घर ………………………
कहाँ उतारौँ हाँती रे घोडा , कहाँ उतारौँ दललोगए , कहाँ उतारौँ दुुल्हु दमादए ।
राजा झनक घर ………………………
सइरे उतारौँ रे हाँति रे घोडा , अँगना उतारौँ दलालोगए, महल उतारौ दुल्हुदमादए ।
राजा झनक घर ………………………
का दए राखौँ रे हाँती रे घोडा , का दए राखौँ दललोग,का दए राखौँ दुल्हुदमादए ।
राजा झनक घर ………………………
गद्दा दाए राखौँ रे हाँती रे घोडा , भुजनु दएराखौँ दललोगए, धिरीया दए राखौँ दुल्हुदमादए ।
राजा झनक घर ………………………

गाेदावरी नगर पालिका वडा नं. ९ सेहरी गाउँ

विज्ञापन