गजल

गजल

अबओ तुमके सपनोकि दुनियाँकि सयर करामओ,
अपनो दिलकि धड्कनमे खुब अच्छेसे सजामओ,
अपनए के त कैसे सुथरे मानैगे र तुम,
अबओ तुमके अपनी आँखीसे तुमहीके दिखामओ,

करो रहौ जो गल्ति तुमरीसँग मिटामओ,
मट्टिसे देवताकि मुरत मए बनामओ,
कितनो सवारैगे इकल्ले मिर घरके तुम,
लबओ तुमरी बोझ अब मए उठामओ,

अपनो सारा सम्पति तुम्पर लुटामओ,
आपनको बिचको जा जाली पर्दा हटामओ,
एक दाँव अच्छेसे भेट त करओ तुम मोसे,
कितनो माया करत हओँ तुमसे मए बतामओ,

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