ठेला व्यापारीसे होटल मालिकको सपना,शंकर रानाथारु

ठेला व्यापारीसे होटल मालिकको सपना,शंकर रानाथारु

धनगढी,२३ माह ।

ठेलामे पानीपुरी बेचके शुरु भओ व्यापार होटलको सपना अधुरो । धनगढी उपमहानगर पालिका वडा नं. ७ देबहरिया गाउँको शंकर रानाथारु अपन प्रगति ऐसे करके सुनाइ आजसे करिब दश बर्ष पहिले मय एक छोटोसो ठेलामे पानीपुरी, च्याउबीन ,मोमफली,गोलगप्पा, कुलफि बेचके शुरु करोरहौ ठेला व्यापार बताइ राना ।
मिर परिवारमे एक मिर बैयर , तिन लौडा औ मिर दौव करके छोटोसो परिवार हए । छोटोमे मिर ऐया गुजर गई फिर मिर बैयर गुजरी तहिक मारे पढाइ घेन उतनो ध्यान ना दइपाओ बताइ ।
तहु फिर बहुत मेहनत और व्यापारमे बहुत लगावसे आज लाखौकी लगानीमे धनगढी उपमहानगर पालिका वडा नं. ७ मोतिचौकमे अनुकल दुधडेरी नाउँ कि होटल चलात आएरहौ ।
होटलमे उर्मा,उर्मी, देवहरिया,मनेहरा गाउसे नास्ताखान हिन पर आतहएँ । शुद्घसहारी नास्ता , खानु , बहुतमेलकी मीठाइ , अडर अनुसारको वडेकेक लगायत होमडेलीभरी फिर करत हौ कहिके बताइ हएँ ।
होटलमे सात, आठ जनी काम करनबाले कामदार धरेहए उनके जनहि मासिक १० हजारसे २४ हजार तक रुपैया महिनक तनखाओ देतहए । शंकर रानाथारु कहत हए “घरभाडा, विजुली, पानीक फिस दुधसे लैके सबसमान खरिदके बनात हौ । इत्तो सब खर्च करके फिर महिनक ३०÷४० हजार बचजात हए ।”,
“ जा होटल कि आम्दानि से मिर अपन घरव्यवहार बढियासे चलत हए । मए अपन कामसे सन्तुष्ट हौ ।”,
“ बेरोजगार बैठन औ दुसरेकी ठिन नौकरी करनसे बढिया छोटिमोटी दुकान खोलके अपन व्यापार शुरु करन बढीया हए । मेहनत करनसे का ना हुइहए ।” कोइभि काममे दिल,दिमाग औ मेहनत करौगे तओ जरुर अग्गु बढौगे बताइ शंकर राना ।

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