“भुल हुइगौ” कबिता

“भुल हुइगौ” कबिता

पुनम राना

धनगढी,२० पुस ।

भुल हुइगौ जानजान के , बिस्वास करडारे सारा दुनिया के 

लेकिन का करय नुक्सान त हए बो होनय के ।।

वाचा कसम खबात हए बे काहेके

और सौर देत हए बो भगवान के ।।

जब जरुरत पडत हए बे ढोगत हए सर झुकाएक 

अपनी त दुख कौन देखदेबै डुकत फिरत हए बे सर लुकएके।।

बाढ नदिया हल्कोरा लेत नेगत बो नदिया 

आज शान्त हुइगैइ भुलगैइ अपनी मन्जिल्के।।

धनगढी उ.म.न.पा.१३ कैलाली गाउँ

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