सरकारको निर्णयक स्वागतमे रानाथारु समुदायमे चारौओर खुशियाली , दिप प्रज्वलन करके मनाइ दिबारी

सरकारको निर्णयक स्वागतमे रानाथारु समुदायमे चारौओर खुशियाली , दिप प्रज्वलन करके मनाइ दिबारी

सरकारसे राना थारु समुदायके अलग जातिके रुपमे सूचिकृत कि खुशिमे धनगढी लगायत ठाँउमे दिप प्रज्वलन करके सरकारको निर्णयके स्वागत करीहएँ । रानाथारु समुदाय बृहस्पतके रोज धनगढीक पार्कमोडमे , काठमान्डौक भृकुटी मन्डप , धनगढी वाड नं. १३ झलारी गाँव , कञ्चनपुरको पुनरबास लगायत गाँवमे दिप प्रज्वलन करके दिबारी मनाइ ।

दिप प्रज्वलन करत माननिय लगायत


कार्यक्रममे प्रतिनिधी सभा सदस्य नारदमुनि राना, कृपाराम राना, प्रदेश सभा सदस्य मालामति राना , संविधान सभासदस्य प्यारेलाल राना , ने.रा.था.स.के.निवर्तमान अध्यक्ष जीवन राना , ने.रा.था.स.कमिटीक पदध्यकारी लगायतके रानाथारु समुदायको सहभागिता रहए ।
मन्त्रिपरिषद्को निर्णयसे रानाथारु अब आदिवासी जनजाति कि सुचिमे सूचीकृत भओ हए कहिके कैलाली क्षेत्र नम्बर ५ के प्रतिनिधि सभासदस्य नारदमुनि राना बताइ । सांसद राना कही दुई दशकको संघर्षको फल अब आइके मिलो हए करके बताइ ।

रानाथारू लिखाे हए


रानाथारुनको प्रतिनिधित्व करनबाले प्रतिनिधी तथा प्रदेश सभा सदस्यलोग सूचिकरण भओ कहिके खुशी व्यक्त करतय सरकारके धन्यवाद दइहएँ । जके सँग सूचिकृत इकल्लो नाय अब अधिकार फिर मागन पडो बताइरहएँ ।
बिस्पतके रोज सरकारके प्रवक्ता एवं सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री गोकुल बाँस्कोटा सरकारसे भओ २३ निर्णय सार्वजनिक करीरहएँ ।बो निर्णयमे रानाथारुनके अलग जातीमे सूचिकृत भओ हए कहिके उल्लेख करोगओ हए ।


सरकारसे और जातजातिनके सूचिकृत करत पेती सुदूरपश्चिममे बैठनबाले रानाथारु समुदायके अलग जातिक रुपमे सूचिकृत नभओरहए । रानाथारु समुदाय सुरुसे अपनके अलग जातिके रुपमे सूचिकृत करन माग करत आएरहएँ ।
सरकारसे आदिवासी जनजातिक सूचिमे ५९ समुदायके सूचीकृत रहए अब रानाथारु मिलाएके ६० पुगेहएँ ।
नेपालमे कैलाली औ कञ्चनपुर जिल्लामे इकल्लो रानाथारु समुदायको बसोबास हए । रानाथारु समुदायक साढे तीन लाख तकको जनसंख्या हए ।
रानाथारु समुदायक मौलिक भाषा, संस्कृति, भेषभूषा तथा रहनसहन हए ।
२०६८ को राष्ट्रिय जनगणनामे रानाथारु मिलाएके कुल थारु समुदायको जनसंख्या १७ लाख ३७ हजार ४ सय ७० रहए ।

एेपाेट झलारीमे दिप प्रज्वलन करके मनाइ


२०६४ सालमे डाक्टर ओम गुरुङको संयोजकत्वमे गठित आदिवासी जनजाति सूची परिमार्जन उच्चस्तरीय कार्यदलसे रानाथारु सहित १० जातिके अध्ययन करके सूची परिमार्जनके ताँही सुझाव दइरहए ।
जासे पहिले २०४३ मे तत्कालीन राजा विरेन्द्र पञ्चायती सरकारके भूमिसुधार मन्त्री लबरु रानाके रानाथारुक पहिचान दइरहए ।
जहेसाल कात्तिक महिनामे भाषा आयोग रानाथारुसहित ६ भाषा सूचीकृत करीरहए ।

काठमन्डाैमे दिप प्रज्वलनकरके मनाइ दिबरी

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