सम्पुर्ण जनमानसमा रानाथारु डटकमको तर्फबाट विजय दशमी तथा शुभ दिपावलीको हार्दिक मंगलमय शुभकामना ।

हमरो अंश कहाँ गओ, हमर बंश कहाँ गओ ?

हमरो अंश कहाँ गओ, हमर बंश कहाँ गओ ?
नरायण राना

रानाथारू खबर ,

अंश और बंस कि खाेज

अंश और बंस कि खोज
हमरो अंश कहाँ गओ, हमरो बंश कहाँ गओ रु ४
करडारे तुम देशके अंशबण्डा पर डारेना हमरो भाग बंडा २
कौन हए धिरिया कौन बहिरिया औ कौन हए हिनाको सदियौंको बसिन्दा
हमरो अंश कहाँ गओ, हमरो बंश कहाँ गओ रु
कंचनपुर कैलालीके बसिन्दा उठनपडो मिलाएके कंधामे कँधा २
सबसे सूधे आज दिन ले लुटे, उठन पडो फिर सोए भए जन्ता
हमरो अंश कहाँ गओ, हमरो बंश कहाँ गओ रु ४

जा उपर कि शिर्षकमे लिखी भई गीत कोइ फिलम, एल्बम की गीत नैया, ना कोइ स्टुडियोमे रेकर्ड भई न त लोक गीत पर रानाथारु समुदायमे जा गीत तमान आदमी सुन्डारी हैं । २०६९ बैसाख महिनाको एक सिबेरेक पहरमे बारी जोतत गोइ मचिआए अाँहाँ तातत् कर्तय कर्त मिर फोनकी घण्टी बजि रहए मिर संगी फोन करी कि आज आन्दोलन हए धनगढीमे १२ बजेसे तुम फिर आन पडैगो,

आपन जमानको जामे विशेष भुमिका होन जरुरी हए, जा ऐतिहासिक आन्दोलन सिर्फ रानाथारु समुदायको होइगो । तुमता कलाकार फिर हओ कुछ गीत बनालीयो आन्दोलनके बारेमे । मए अहाँ कर्दओ रहौं,

जोततए जोतत तयार भइ जा गितको एक बढौना डगरएमे तयार कर्के धनगढीको पार्कमोडमे पहिलो चोटी सुनातपेती सबए आदमी अपनी हथौरी पट्काएके एक जोशीलो संगीत भर्दै रहयें मिर नयाँ गीतमे तबही मोए लगत रहए की अब रानाथारुके ताहीं कुछ होबैगो, जहे बात मनमे सम्खतपेती चटक्का घामुको तत्तो फिर ठण्डो लागत रहए ।

ना होतए कुछ दिनबाद सरकारसे बार्ता करनको समाचार आओ रानाथारुके जनैया बुझैया अगुवा बार्ता करन चीलगाडीमे उड्के कुइ बसमे चढ्के बार्ता करीयाए, ऐसो लागएकी अब्खीरको संविधानमे रानाथारुको अंश औ वंश दुने मिलैगो पर महिना ना बीतपाई संविधान सभा को म्याद गुजरिगओ ।

बो बेरीको सरकारसे मिति २०६९ जेठ १४ के दिन सरकारी बार्ता टोलीके संयोजक तत्कालिन शान्ती तथा पुनर्निमाण मन्त्री टोप बहादुर रायमाझी संगए २ औ मन्त्रीसे बार्ता करनबारे हमर रानाथारु अगुवा बो बेरीके रानाथारु संयुक्त संघर्ष समितीके संयोजक प्यारेलाल राना सहीत ११ जनीको बार्ताटालीसे ६ बुँदामे सहमती औ सम्झौता भओ रहए । दुसरो संविधान सभासे संविधान बनिगओ,

नेपाल ७ प्रदेश सहीत, ३ सरकार को देश बनिगओ पर हमर सम्झौताको कए बूंदा लिखे संविधानमे या कानूनमे? लागत हए कि जा सम्झौता लिखी भई रजिस्टरए हराइगई, पर याद रहए रजिस्टर हराएसे फिर सम्झौतामे हस्ताक्षर करनबारे बो बेराके संयोजक औ सदस्य दुने रानाथारु समुदायके अगुवा संविधान सभा २ के सदस्य रहैं ।

उनको फिर जा संविधानमे बहुत बडो योगदान हए पर रानाथारु समुदायके माग ज्यूँ को त्यूँ हए । अभए फिर कुछ हुइ सकत हए देशके बहुत कानून बनन बाँकी हैं, जेहीं कानूनमे हमर माग संबोधन हुइसकत हए पर जौन तरिकासे अभए सब अगुवा सोइगए हैं बिनके जगन औ जगान जरुरी हए फिर के अंश औ बंश की खोजीमे निकरन हए पुरो समुदायके ।

बार्तासे सम्झौता भओ पहिलो नम्मरको बुँदामे सरकारको ध्यान कराँगे कहतए संविधान सभामे प्रवेश कराँगे कहिके सम्झौता भओ रहए पर दुसरो संविधान सभामे साइत सबय भुलीगए रहैं । देशमे ता छोडओ स्थानिय सरकारमे फिर स्वयत्त सरकारको पहल अभेतक कोइ स्थानिय तह ना करी हए ।

लालझाडी गा.पामे जा संभावना सब्से जद्धा हए स्वयत्त, संरक्षीत होनको पर निर्वाचित प्रतिनिधी जा बातमे ध्यान देन जरुरी हए । दुसरो नम्मरको बुँदा सबसे जद्धा चर्चामे आओ भओ बुँदा हए सम्झौता पत्रमे स्पष्ट लिखो हए कि आदिवासी जनजातीको सुचिमे रानाथारुके अविलम्ब सुचिकृत करंगे । पर जा बुँदा फिर अभए अधुरो हए ।

जा साल सब्से जद्धा होरी मिलनमे जहे बुँदाकी माग भई, रानाथारु समुदायके इकल्ले प्रतिनिधी सभा सदस्य नारदमुनि राना फिर रानाथारु समुदायको जा पहिलो माग कहिके सुचिकृत करबानको प्रतिवद्धता कर्के जीतके प्रनिनिधी सभा सदस्य बनें हयें, जा से पहिले संविधान सभाको चुनावमे कैलाली को ५ नंम्बर क्षेत्रसे जीतके प्रधानमन्त्री तक बन्डारीं शेरबहादुर देउवा फिर रानाथारु समुदायमे जा प्रतिवद्धता करि रहैं ।

सोचन बारी बात हए सम्झौता भै बात फिर प्रधानमन्त्री जैसे कार्यकारीणी अधिकार प्राप्त सर्वोच्च आदमी फिर काहे हमर माग पुरो ना कर्त हैं? तिसरो नम्बर फिर बहुत जरुरी बुँदा हए, संविधानमे लिखो हानी समावेशी के समानुपातिक समावेशीमे बनान जा बुँदा बहुत जरुरी हए पर जा के व्यवहारमे लागु होन अभे तक कोइ प्रयास ना करी हयें, जा बुँदामे स्पष्ट लिखो हए कि सार्वजनिक सेवा एवं राज्यके हरेक अंग, निकाय संघ प्रदेश, स्थानिय तहमे रानाथारुके जनसंख्याके आधारमे समानुपातिक प्रतिनिधीत्व करबान प्रतिबद्ध रहंगे कहिके पर कैलाली कंचनपुरके आदिवासी रानाथारुकी तथ्यांक विभागमे कोइ गिन्ती नैया ।

कैसे हुइहए जनसंख्याके आधारमे समानुपातिक समावेशी प्रतिनिधित्व ?? रानाथारुको जनसंख्या कित्का पहिले जा यकिन होन जरुरी हए ? सबसे पहिले रानाथारुको तथ्यांकमे सबय अगुवा, बुद्धिजिवीके ध्यान देन जरुरी हए, ऐसे कानमे तेल डारके कुम्भकर्ण नीधसे काम बननबारो ना हए ।

जा देशके नागरिक हुइके फिर नागरीकको हक अधिकार सुनिश्चीतताके ताहीं डगरमे नारा जुलस लगान ना पडए, औ रानाथारुके नेता कहिबान बारे फिर राजनितीक पार्टिकी लडाइसे दूर जाएके समुदाय की हीतमे ध्यान देन जरुरी हए । आनिया ५ बर्षमे फिर ३ चुनाव होनबारे हयें, बहुत नेता जल्मन बारे हैं बे सब नेता औ बार्तामे सम्झौता करनबारे सबय नेता,

रानाथारु अगुवा बो सम्झौता करनपेती जैसे टेबुल बिचमे धरके आसपास कोहनी जोर बैठे रहओ उइसी फिर बैठन बेरा हुइगइ हए, फिर्के बो बार्तामे सम्झौता की पन्ना पल्टाएके देखओ, कित्का लागु भए का का छुटे हैं?? सब जनि दुवा औ दौडधुप चलान पडो अपन अपन जगहासे । चाहत हौं फिरसे सडकमे हमर अंश (अधिकार), वंश (पहिचान) ढुँडन नापडए ।

समाप्त