गाेरीके साे हए नै नन कजरा , अमर सिंह रानाकि मिठाे अवाजमे

गाेरीके साे हए नै नन कजरा , अमर सिंह रानाकि मिठाे अवाजमे

धनगढी , २० असार

सामन कि गित

यारी ए , हरि सुरसुत सौरौँ सारिदा रे …..
गुर गननेसमानामै रे …
गोरी के सो हए नैनन कजरा समालिया के ले हो मानै रे ..
यारी ए , हरि पहिलो मास चढों सामनको तिजियानके रितु आए रे ..
घर घर विटिया पुरिया बनामयँ भइया भतिजे की बरत मनामौँ रे ..
यारी ए , हरि गंगन मैया में झुडकी पोहामैं भइया भतिजे की उमर बढामैं रे ….
सुरसुत सौरौ सारिदा रे ….
यारी ए हरि पहिलो मास चढो भादौँको कान्हा जलम लैलेम मै रे …
साधु महातिमा अग्नि जलाए बैठे हए हुम्म जलाए …
यारी ए सखिया सहेली देखन आइ कान्हा जि के ढोक पडामैँ रे ..
यारी ए सुर……..
यारी ए पहिलो मास चढो क्वारनको दुल्हन पिया रे घर जामै रे ..
तुम त पिया मेरे लगो रि अन्देसा …
भुलहन प्रिया रे घर आमै रे …. यारी ए , हरि सुरसुत सौरौँ सारिदा रे …..

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