‘सदामान’ कबिता

‘सदामान’ कबिता

पुजा राना

कञ्चनपुर,२१ भादाै ।

सदामान चर्चा खानदानकी करत हए -२

अपमान करन तहि स्वभिमानकी करत हए

आदमी आदमी कि बात न सुनत हए -२

 फिरबी आदमी भक्ति भगवानकी करत हए

जब समिकरण बदलन लगजत हए -२

तब आदमी घृणा सन्तनकी करत हए

बात शिखरकी कर के न थाकत हए- २

यात्रा सदामान मैदानकी करत हए

कलकी यथार्थ लुकान तहि , -२

चर्चा सदामान वर्तमानकी करत हए

नारी नारीकी अधिकार लुटके,- २

 विरोध सदामान संविधानकी करत हए

बेलाैरी ९ भदपुरीया , कञ्चनपुर

सेयर कर दियो ।

विज्ञापन