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का से कहत हएँ कोरोना भाइरस ?उपचार बिधि

का से कहत हएँ कोरोना भाइरस ?उपचार बिधि

धनगढी, २४ फागुन

कोरोना भाइरस का हए ?

चीनमे संक्रमणके रुपमे फैलरहो कोरोना भाइरसके बारेम अभए विश्वकी ध्यान तानिहए । अभयक जानकारी अनुसार कोरोना भाइरससे चीनमे ३ हजार ५ सय छब्बिस जनीक ज्यान गइभइहए कहेसे एक लाख से जाद्घी चिनीयाँ नागरिक प्रभावित भएहएँ । अगर जा भाइरस के हल्दी नियन्त्रण नकरपहएँ तओ विश्वभर महमारीके रुपमे फैलसकत हए कहिके विज्ञ लोग चिन्त व्यक्त करिहए । जापान, थाइल्याण्ड, फिलिपिन्स औ दक्षिण कोरियाम लगायत ६८ देशमे फैलनसे थप चिन्ता व्यक्त करिहएँ ।
इत्तो कम अविधिमे पडोसि देश चीनमे हजार से जद्घि आदमीक मृत्यृ होनसे नेपालमे फिर सरकार उच्च शर्तकता अपनान डटोहए । अभय कोरोना भाइरसको संक्रमण नेपालमे देखानपडो हए ।
तहुफिर त्रिभुवन अन्तराष्ट्र्रिय विमानस्थल हेल्थ डेस्कमे ‘थर्मल स्क्यानर’ जडान करोगओ हए । हेल्थ डेस्कमे रहो थर्मल स्क्यानरसे जहाजसे उतरे एयरपोट भितर जानबाले सबय यत्रुनके जाडो कि परीक्षण करोजात हए । शंकास्पद बिरामीके हुनइसे अलग एम्वुलेसमे बैठाएक शुक्रराज ट्रपिकल तथा सरुवा रोग अस्पताल पठानको व्यवस्थामिलाइ हएँ ।


का से कहत हएँ कोरोना भाइरस ?
जनवारसे लागनबालो एक रहस्यमयी भाइरस हए जा । सबसे पहिले २०१९ के डिसेम्बर अन्त्यघेना वुहानके बिरामीमे जा भाइरस दिखानो रहए । तओफिर क्रमशः जा फैलतय गओ हए । जासे अग्गु ६ प्रकारके भाइरस इकल्लो आदमीके संक्रमण करसकत हए कहतरहएँ । अभय बहु से अलग नयाँ मेलको कोरोना भाइरस फैलोहए ।
जा मे आदमीक संक्रमण करन क्षमता और कोरोना भाइरस से हल्दी एवं जद्धि हएँ । स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगनको कहनो हए जा बहुत भयानक बताइहएँ ।


कोरोना भाइरस संक्रमणके लक्षण
– खाँसीभुखार आनो
– १०४ डिग्री फरेनहाइटसे जाद्घि जाडो आनो
– श्वासप्रश्वासमे अत्याधिक समस्या देखापडनो
– नट्टी, मुड तथा पुरिशरिर पिरान
– निमोनिया होनो ,
– सिभिएर एक्युट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम होनो ।


जा दुसरेक मे कैसे लागत हए ?
कोरोना भाइरस प्रारम्भिक चरणमे हावाके मध्यमसे दुसरेक शरिरमे लागत हए । चिरैँ औ स्तनधारी जनावरके स्वासप्रस्वाससे जा एकदुसरेकमे लागसकत हए । जाधातर संक्रमणको समय सामान्य ‘फ्लू’ जैसो लक्षण दिखात हए । जक संक्रमणसे जाडो आनो , खाँसीभुखार लागन , स्वासप्रस्वास हल्दि हल्दि हानो , स्वाँस फेर्न अगठो होनो , निमोनियातक कि लक्षण देखापडहए ।
अभय देखापडो ‘२०१९–सिओभी’क कारण सार्स औ मार्स कोरोनाक लक्षणसे मिल्तहए । यद्यपि कोरोना भाइरस संक्रमणके उपचारके ताँहि अभयतक कोइ भ्याक्सिन वा एन्टिभाइरस उपलब्ध नाहए । तहिकमारे महामारी रुप लेनसे पहिले जा से बच्नके ताँहि शतर्कता अपनान बुद्घिमता हए स्वास्थ्यकर्मिनको कहाना हए ।
कैसे पता पामंगे ?
अभय जाडो मौसम हए । जेबेरा खाँसीभुखार आएसकत हए औ हम जक सामान्य लेत हए । जबकी कोरोना भाइरस संक्रमण करनसे फिर सुरूमे जौन लक्षण दिखातहए बेहि दिखात हए । तहिकमारे बहुत से आदमी झुकजातहए । खाँसीभुखार हाँनि लागेसे फिर जा सामान्य रुपमे भर नारहत हए । काहे कि धिरे धिरे क्रमस जाडो आनलागतहए, मुड पिरान लागत हए , सास फेर्न अगठो होनलागत हए । अगर समयमे विरामीक रेखदेख नाभइ कहेसे मृत्यु फिर हुइसकत हए ।
जासे डरलगनियँ पक्ष का हए कहे से , जा भाइरस एक प्रजाति जीवसे दुसरेकमे सहजयसे चलो जातहए । ऐसी करके आदमी तक पुगोहए ।
जा से कैसे बचमिलए ?
जा से सुरक्षित रहन कहेक अभएक अवस्थामे सजग औ सतर्क रहन हि हए । खाँसीभुखार लागे आदमीक ढिँगै नाजान , भिडभाडमे सावधानी अपनान, सरसफाईमे विशेष ध्यान देन हए ।

रसस