चार खिलैया दस दिखैया ,,मगरू अाै इतबारी कि बात काेइ ना सुनइया

धनगढी , १० भादाैँ

ट्रीन ट्रीन ………).हलो हलो मगरु ए मगरु ! का हुइगौ अवाजय ना आओ, नेट खराब हए कि का ? फिर लगामौ ! ( ट्रीन ट्रीन ……) हं हलो सुनाइ दै ए मगरु सुन्ता चल चलए आज।
मगरु : कहां?इतबारी: आज आपनके जान हए दोंदापार कन्चनपुर के गाउँ मे । नेपाल रानाथारु समाजके गाउँ स्तरमे कमिटी और बहे गाउँ से महाधिबेसन करन महाधिवेशन प्रतिनिधि फिर बनान हए चलए कि कैसो?
मगरु : ए इतबारी एक बात पुछौं ?
इतबारी : का रे?