प्रसंग हए अभय कि बात ?

प्रसंग हए अभय कि बात ?

मए उमेश राना

धनगढी,२ सावन ।

राम ! राम ! आज थोरी लिखासि लागि अपन समाजकी बारेम । हम हमेसासे कहतए आए हएँ हमर समाज तमान पच्छु हए, दुनियाँ कहाँ पहुँच गइ पर हमर स्थिति लोप होनकी तगारमे हए । और हँ सायद कुछ हदसम जा यथार्थ फिर हए ।
अभए कुछ महिना इतएसे पुरा विश्व कोरोनाकी कहर से स्तब्ध हए । दुनियँके लगभग सबए देश अंशिक वा पुर्ण रुपसे लकडाउनको अवस्थामे हए ।
पर जा ऐसो अवस्थामे मए हमर रानाथारु समुदायमे लकडाउनको बेला एक क्रान्ति प्रस्फुटित पाओ । सायदै इतनो कार्यक्रम इतका छोटो समयमे रानाथारु समाज देखन पाई हुई हए ।
लकडाउन होनको कुछ समयबाद अनलाइन कविता तथा चित्रकला प्रतियोगिता, मिस एण्ड मिस्टर रानाथारु (अगर मए सहि हौं त) , अनलाइन फोटो तथा शब्दकोश निर्माण प्रतियोगिता, जनौनि कार्यक्रम, जागरण कार्यक्रम, बखतकी बात, रानाथारु कचहेरी कार्यक्रम आदि इत्यादि ।
जे ऐसो कार्यक्रमसे जधा नाए त थोरी अच्छो असर त पक्कए फिर पडो हुइ हए हमर समाजमे । और अभए खबर अनुसार रानाथारु समानकी सामन कि गीत प्रतियोगिता–२०७७ और अनलाइन पत्रकरिता क्षमता अभिवृद्धि जैसे कार्यक्रम फिर आयोजना होन वाले हएँ ।
कलतक हम सब कहत रहएँ रानाथारुमे कछु कार्यक्रम न होत हएँ, हमए अवसर नमिलो नत हमौ जा करते बा करते । आज देखौ इतनो अच्छे – अच्छे कार्यक्रम आयोजना होन डटे हँए तौ हम सब रानाथारु कहे के पच्छु पडन डटे हएँ ?
काहेके ऐसो कार्यक्रममे जधासे जधा सहभागिता न जनाए पाए रहे हएँ ? अगर आज हम ऐसो इतनो फलदायी, इतिहास संरक्षक, समाजिक, बौद्धिक विकास करनवाले कार्यक्रके साथ, समर्थन, सहयोग और सहभगिता नकरके सफल नबनए पाए त कल्हक दिन ऐसो कार्यक्रम करन वाले आयोजकमे बो सहस, उर्जा, उत्साह सायद नरहबए ?
और जको म’ख्य जिम्मेदार हुइहएँ , हम सब . और फिर भविष्यमे कोइके ऐसो कहान अधिकार नरहैगौ कि रानाथारुके अग्रज हमर समाजके भलो करन वाले कोइ कार्यक्रम नाए लाएदँै ।
तभि मेरो सबएसे अनुरोध हए हमर रानाथारुसे आयोजित कोइ भि कार्यक्रममे जधासे जधा सहभगिता जनाएदेबौ और अपनो सल्लाह, सुझाव फिर देबौ ताकि अगामि दिनमे आयोजकके औरु अच्छेसे योजना बनान उत्साह, उमंग और सहास मिलए ।
धन्यवाद

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