२०७६ सालकि समीक्षा औ उपलब्धि

२०७६ सालकि समीक्षा औ उपलब्धि

धनगढी, १ बैशाख २०७६ ।

रानाथरुवनके ताँहि २०७६ को बर्ष सायद स्वर्णिम बर्षके रुपमे मानो जाबैगो काहेकि जा सालमे रानाथारुके एतिहासिक मुद्दा पुरा भए हएँ । रानाथारुको पहिचान अर्थात नेपाल सरकार आदिबासी जनजातीमे रानाथारुके अलग्गए सूचीकरण होनो जा बर्षकि इकल्लो नाए दशकौकि प्रमुख उपलब्धि हए । जाको पहल करनबाले रानाथारु योधानके रानाथारु इतिहास कभी ना भुलाबैगी । ऐसि करके रानाथारु भाषा सूचीकरण होन कम बडि उपलब्धि ना हए । रानाथारु भाषाके सम्बृद्ध बनाएके सरकारी कामकाजि भाषाके रुममे कार्यान्यन करन जरुरी हए । रानाथारु भाषाके सम्बृद्ध बनानके ताहि जाको व्याकरण और शब्दकोषकि निर्माण होन अत्यन्त जरुरी हए । और तमान लेख, रचना, साहित्य, अध्ययन, अनुसन्धान से जाके जिवन्त बनाए रहन बहुत जरुरि हए । रानाथारु भाषामे राष्ट्रिय प्रारम्भिक कक्षा पढाइ कार्यक्रम अन्तर्गत कक्षा १, २ कि किताब बनके तमान स्कुलमे पढाई होन डटि हएँ, ऐसी कक्षा ३ कि किताब निर्माणकि अन्तिम चरणमे हए । जा फिर एक महत्व पूर्ण उपलब्धि हए ।

रानाथारु समुदायकि २०७६ सालके प्रमुख उपलब्धि बुँदागत रुपमे निम्न बमोजिम हएँ ।

१. मिति २०७६ कातिक १८ गते भाषा आयोगसे रानाथारु भाषाको सूचीकरण , जाके आधारमे आनिया राष्ट्रिय जनगणना २०७८ मे रानाथारु भाँषीको जनगणना हुइ हए ।
२. मिति २०७६ अगहन (मङ्सिर) १७ गते नेपाल रानाथारु समाजको महाधिवेशन सफलताके साथ सम्पन्न भओ ।
३. २०७६ माह (माघ) २० गते नेपाल सरकारसे रानाथारु जातीके आदिबासी जनजाती अलग्गए सूचीकरण ।
४. २०७६ चैत ४ गते सु प प्रदेश सरकारसे रानाथारुकोविशेष पर्ब होरी कि अन्तिम दिन खखडेहराकि उपलक्ष्यमे एक दिन कैलाली कंचनपुरमे सार्बजनिक बिदाकि घोषणा ।
५. कैलालीको राजपुर गावँमे कैलाली-५ से निर्बाचित प्रतिनिधिसभा सदस्य माननीय नारदमुनी रानाकि पहलमे रानाथारु संग्रहालयको निर्माणको काम सुरु (कुल लागत ११ करोड ४६ लाख)
६. एसियाको प्रख्यात पुस्तकालय Pratham Books से सन्चालित DIGITAL LIBRARY अन्तर्गत रानाथारु भाषामे RanaTharu Digital Library कि शुरुवात , जामे बालकनके ताही रानाथारु भाषामे बालकथा पढ सकत हए, और बालकथा अनुवाद और निर्माण फिर कर सकत हएँ ।
७. रानाथारु बार्षिक क्यालेनडर निर्माणके ताँहि बृहत छलफलसे तिथीमिथीको घोषण करनको शुरुवात और www.ranatharu.com मार्फत अनलाइन मार्फत देखनको व्यस्था शुरु, जासे रानाथारु पर्बनकि मितिमे एकरुपता होन कि फाइदा ।
८. माघ २३ गते रानाथारु आदिवासी जनजातीमे सुचिकृत भओक खुशिमे माघ २३ गते रानाथारुको स्वर्ण दिनके रुपमे प्रत्येक वर्ष समझना स्वारुप मनामंगे कहिके नेपाल रानाथारु समाजसे घोषणा
९. रानाथारु भाषामे अर्धवार्षिक पत्रिका उजियारो रानाथारुको प्रकाशनको शुरवात
१०. रानाथारु भाषाको अनलाइन आधिकारिक रुपमे दर्ता
११. नेपाल भारतके रानाथारु बिच विविध विषय भाषा, संस्कृति, इतिहासके विषयमे छलफल होनको शुरुवात

२०७६ सालमे भए उपलब्धिनके संस्थागत करतए और आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक मुद्दा लैके आगु जान बहुत जरुरत हए । केन्द्र , प्रदेश और स्थानीय तिनए तहमे रानाथारु समुदायको भूमिकाके ताही पहल होन जरुरि हए । प्रदेश अन्तर्गत रानाथारु आयोग, प्रतिष्ठान निर्माणके ताहि पहलकदमी लेन जरुरी हए, समावेशीकरणके आधारमे रानाथारुको भूमिका पानके सरकारके कानुन निर्माण कि प्रक्रिया लगायत सरकारमे दबाब सृजना करन जरुरि हए । रानाथारु भाषाके सरकारी कामकाजी भाषाके रुपमे स्थापित करन एक दम जरुरी हए । रानाथारु जातिगत और भाषिगत जनगणनाको आधार सुनिश्चित हुइ गओ हए अब २०७८ सालमे होनिया जनगणनामे थोरी पहलको आवस्यकता हए ।

रानाथारु समाज और लगनसिलताके साथ आगु बढए और बेढम उपलब्धि करत जाबए , संस्कृति कलाके धनी आपन रानाथारु आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक रुपसे फिर आगु बढ्त जामए, रानाथारु एकतामे कबहु कमी ना आबए, जेही बात मनन करतए जा समुदाय और सबए ददाभैया दिदिबहिनियनके हमर तरफसे नयाँ साल २०७७ कि हार्दिक शुभकामना हए, अभएकि सन्दर्भमे लकडाउनकि पालना करतए जा नयाँ साल मे कोरोनासे लडन सबएमे सक्ति मिलए औए रोग प्रतिरोधक क्षमतामे विकास होबए कहतए एक दाओँ फिर नयाँ साल २०७७ कि शुभकामना हए । धन्यवाद ! राम ! राम !

कमल सिं राना
उपाध्यक्ष
नेपाल रानाथारु समाज
केन्द्रिय समिति

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